इतिहास क्या है? परिभाषा,इतिहास के जनक कौन है।


डार्विन के अनुसार यह बताया गया है कि मानव का विकास बंदर से हुआ है डार्विन ने अपनी विकासवाद के सिद्धांत में यह समझाया है कि मानव का विकास बंदर से हुआ है।
                   अभी तक प्राप्त मानव के प्राचीन साक्ष्यों में सबसे प्राचीन साक्ष्य अफ्रिका से मिला है। अतः मनुष्य का प्रादुर्भाव अफ्रीका से माना जाता है।

इतिहास की परिभाषा


मनुष्य के जन्म से लेकर वर्तमान तक उसके सामाजिक राजनीतिक तथा आर्थिक विकास को इतिहास कहते हैं । इतिहास साक्ष्यों के आधार पर लिखी जाती है।

                            हेरोडोटस यूनान का एक भौगोलिक था उन्होंने यह विचार दिया था कि इतिहास का अध्ययन भूगोल के आधार पर किया जाना चाहिए जैसे इतिहास के अध्ययन भूगोल के आधार पर किया जाने लगा। इतिहास एक अध्याय के रूप में प्रस्तुत हो तैयार हो गया यही कारण है कि हेरोडोटस को इतिहास का जनक कहा जाता है।
भारत में इतिहास के बारे में लिखने की  परंपरा नहीं थी । भारत में प्रथम  इतिहास का ग्रंथ राज तरंगिणी को माना जाता है।
 राज तरंगिणी को कल्हण ने  संस्कृत भाषा में लेखन किया था । इस ग्रंथ में कश्मीर के इतिहास  बारे मे लिखा गया है।

                इतिहास में काल विभाजन


इतिहास में काल विभाजन का आधार ईसा मसीह के जन्म को जाना जाता है।

ईसा मसीह के जन्म के पूर्व के काल को ईसा पूर्व(BC) या ईसवी पूर्व (AD)  कहा जाता है।
जब कि  ईसामसीह के जन्म के बाद के काल को इस्वी (AD) यह एक लैट्रिक शब्द है। जिसका अर्थ आधुनिक काल होता है।

देश के नाम


संविधान के अनुच्छेद -1 में यह कहा गया है कि इंडिया या भारत राज्यों का संघ होगा अतः संविधान में अपने देश का नाम इंडिया और भारत दोनों है परंतु भारत अंतरराष्ट्रीय समझौते या संधिया इंडिया  के नाम से करता है ।

देश का नाम इंडिया यूनानीयों ने लिखा था । जब वे भारत आया तो सिंधु नदी को उसने इंदु कहा और सिंधु नदी के किनारे रहने वाले लोगों को इंडिया कहा । हमारे देश का नाम भारत राजा भरत के नाम पर रखा गया है । राजा भरत कबीले के मुखिया हुआ करता था।

               आर्यव्रत


पश्चिम सिंधु नदी तथा उत्तर में हिमालय पर्वत तथा दक्षिण में विंध्य पर्वत के मध्य वाले भाग को आर्यावर्त कहा जाता है । इस भाग में आर्य जातियों का निवास था। 
 ग्रीको ने सिंधु नदी को इंदु कहां कालांतर में हिंदू बन गया तथा सिंधु के आसपास रहने वाले लोग को हिंदुस्तान का निवासी कहा जाने लगा