भारतीय अर्थव्यवस्था क्या है?




भारतीय अर्थव्यवस्था क्या है ।

अर्थव्यवस्था एक ऐसी नीति है जिसके द्वारा कोई भी देश अपने संसाधनों का नियोजन प्लानिंग के द्वारा व्यवस्थित होता है

संसाधन

वह पदार्थ जो मानव के द्वारा उपयोगी होता है उसे संसाधन कहा जाता है जैसे भूमि संसाधन जल संसाधन वन संसाधन मानव संसाधन आदि।

संसाधन दो प्रकार के होते हैं।

1.नवीकरणीय संसाधन
2. अनवीकरणीय संसाधन

1. नवीकरणीय संसाधन


ऊर्जा संसाधन को कहा जाता है जिसका उपयोग करने पर वह समाप्त नहीं होता जैसे- सौर ऊर्जा वस्तु ऊर्जा आदि।

2.अनवीकरणीय संसाधन

वैसे संसाधन को कहा जाता है जिसका उपयोग करने पर वह समाप्त हो जाता है जैसे -खनिज संसाधन ,जल संसाधन आदी। 1 इंच मिट्टी को बनने में हजारों वर्ष (लगभग 1000 वर्ष) लगते हैं अतः मीठी एक अनवीकरणीय संसाधन है ।

अर्थशास्त्र

अर्थशास्त्र एक ऐसा विषय है जिसमें किसी देश या विश्व के देशों की अर्थव्यवस्था (संसाधन का नियोजन के तहत व्यवस्था )के संबंध में अध्ययन किया जाता है।

एडम स्मिथ स्कॉटलैंड के निवासी थे उन्होंने 1776 ईस्वी में वेल्थ ऑफ़ नेशनल नामक पुस्तक लिखे थे । इस पुस्तक में एडम स्मिथ ने "यह विचार व्यक्त किया कि किसी भी देश के संसाधन का उपयोग उसका मूल नियंत्रण तथा उसके वितरण पर सरकारी नियंत्रण नहीं होना चाहिए उसे बाजार पर छोड़ देना चाहिए "।

बाजार एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें वस्तुओं सेवाओं का क्रय-विक्रय होता है कोई भी बाजार मांग (डिमांड ) तथा पूर्ति के आधार मूल नियमों के द्वारा संचालित होता है।

विश्व के अर्थव्यवस्था का विवरण

विश्व के देशों की अर्थव्यवस्था को तीन भागों में विभाजित किया गया है।


1.पूंजीवादी अर्थव्यवस्था वाला देश

2.समाजवादी अर्थव्यवस्था वाला देश

3.मिश्रित अर्थव्यवस्था वाला देश


1.पूंजीवादीअर्थव्यवस्था वाला देश

जब कोई देश अपने संसाधन के उत्पादन उसके मूल नियंत्रण तथा उसका वितरण बाजार पर छोड़ जाता है तथा उसको सरकारी हस्तक्षेप नहीं करता तो ऐसे देश की अर्थव्यवस्था पूंजीवादी अर्थव्यवस्था कहा जाता है।

पूंजीवादी अर्थव्यवस्था को अपनाने वाला पहला देश अमेरिका था।

वर्तमान उसी के साथ -साथ लगभग सभी विकसित देशों ने पूंजीवादी अर्थव्यवस्था अपनाया है।

अर्थव्यवस्था के जनक एडम स्मिथ है।

2.समाजवादी अर्थव्यवस्था वाला देश

जर्मनी के विचारक कार्ल मार्क्स ने फ्रेडरिक ऐजेलस साथ मिलकर दास कैपिटल नामक पुस्तक की रचना की इस पुस्तक में उन्होंने विचार दिया कि किसी देश के संसाधन के उत्पादन मूल्य नियत्रण तथा उसके वितरण पर सरकार का नियंत्रण होना चाहिए बाजार का नहीं

इस विचार को साम्यवादी या समाजवादी अर्थव्यवस्था जाता है।

1917 ईस्वी में रूस में बोल्शेविक क्रांति हुई थी इस क्रांति के बाद रूस में जार का शासन समाप्त कर दिया गया तथा साम्यवादी सरकार का गठान हुई इस समय रूस में साम्यवादी अर्थव्यवस्था को अपनाया रूस सम्यवादी अर्थव्यवस्था अपनाने वाला विश्व का पहला देश बना इसके बाद चीन क्यूबा उत्तरी कोरिया आदि देश ने भी साम्यवादी अर्थव्यवस्था को अपनाया।

उत्तरी तथा दक्षिणी अमेरिका महादेश में क्यूबा एकमात्र ऐसा देश है जिसने साम्यवादी अर्थव्यवस्था को अपनाया है।

3.मिश्रित अर्थव्यवस्था वाला देश

1929 में विश्व में सबसे बड़ी आर्थिक मंदी आई आर्थिक मंदी में लोगों की क्रय शक्ति घट जाते हैं जिसके कारण वस्तुओं एवं सेवाओं की मांग में कमी आ जाते हैं अतः उत्पादन पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

इस आर्थिक मंदी से स्पष्ट हो गया कि पूंजीवादी अर्थव्यवस्था तथा साम्यवादी अर्थव्यवस्था में कमियां है। इसी समय अर्थशास्त्र मैं यह विचार व्यक्त किया कि किसी देश को पूंजीवादी अर्थव्यवस्था के साथ-साथ उसने साम्यवादी अर्थव्यवस्था की विशेषताओं को भी समाहित करना चाहिए।

जब कोई देश पूंजीवादी अर्थव्यवस्था के साथ-साथ साम्यवादी अर्थव्यवस्था की विशेषताओं को भी अपनाता है तो ऐसी अर्थव्यवस्था को मिश्रित अर्थव्यवस्था कहते हैं । मिश्रित अर्थव्यवस्था को अपनाने पहला देश फ्रांस था। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जितने भी देश स्वतंत्र हुए उन सभी ने मिश्रित अर्थव्यवस्था को अपनाया ।भारत भी मिश्रित अर्थव्यवस्था वाला देश है

संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO)अध्ययन कर यह बताया है कि सभी प्रकार की अर्थव्यवस्था में मिश्रित अर्थव्यवस्था सबसे अच्छे हैं।

मिश्रित अर्थव्यवस्था वाले देश में संसाधन के उत्पादन उसके मूल नियंत्रण तथा वितरण पर सरकार के साथ -साथ बाजार का भी नियंत्रण होता है ।

वर्तमान में विश्व के किसी भी देश में शुद्ध रूप से न पूंजीवादी अर्थव्यवस्था है न साम्यवादी अर्थव्यवस्था है।

विदेशों के संबंधों के आधार पर विश्व की अर्थव्यवस्था दो भागों में विभाजित किया जाता है

1 बंद अर्थव्यवस्था वाला देश
2.खुली अर्थव्यवस्था वाला देश

1.बंद अर्थव्यवस्था वाला देश


जब किसी देश की अर्थव्यवस्था का संचालन उस देश के किसी सीमा के अंदर होता हो अर्थात वस्तु एवं सेवा का आयात निर्यात दूसरे देशों से ना होता हुआ तो ऐसे देश को बंद अर्थव्यवस्था वाला देश कहते हैं।

2.खुली अर्थव्यवस्था वाला देश

जब किसी देश की अर्थव्यवस्था विश्व के दूसरे देशों से जुड़े हो अर्थात आयात निर्यात दूसरे देशों से होती हो तो ऐसी अर्थव्यवस्था वाले देश को खुली अर्थव्यवस्था वाला देश कहते हैं ।

वर्तमान में विश्व के सभी देशों में खुली अर्थव्यवस्था वाला देश है।

Note-1991 के पहले भारत की अर्थव्यवस्था एक बंद अर्थव्यवस्था थे । परंतु 1991 में भारत ने उदारीकरण निजीकरण तथा वैश्वीकरण की नीति को अपनाते हुए अपने अर्थव्यवस्था को दूसरे देशों के लिए खोल दिया।